आप अपने शारीरिक स्वास्थ्य और उसकी सुन्दरता के लिए कितना कुछ करते हैं अच्छे से अच्छा खाना खाना खाते हैं ,अच्छे से अच्छा नए से नए डिजाइन की ड्रेस पहनते हैं , नियमित ब्यूटी पार्लर जाते हैं ,जिम जाते हैं ,एक्सरसाइज करते हैं येसी अनगिनत चीजें हैं जिसे आप व्यवहार में लाते हैं ,लेकिन कभी सोचा है ......कभी सोचा है की आप अपने मानसिक स्वास्थ्य और सुन्दरता के लिए क्या करते हैं ,मतलब भीतर के लिए ....मतलब अपने मन के लिए क्या करते हैं ?आप सोचेंगे की मन के लिए क्या करें ......?भीतर के लिए क्या करें ...वह कहाँ दिख रहा है ...उसे भला कौन देख रहा है सो उसके लिए कुछ करने की क्या जरूरत .......?आप जानते हैं .....? मानसिक स्वास्थ्य का भी उतना ही महत्व है जितना हमारे शारीरिक स्वास्थ्य का .उसे कोई देखे या ना देखे उसका स्वस्थ रहना ,,,,उसका सुन्दर रहना भी बहुत जरुरी है ....मन का स्वस्थ रहना सुंदर रहना उतना ही जरुरी है जितना बाहर का ...आपके तन का ... .......चलिए इसे एसे समझाते हैं आप को यह तो पता है .की ..हमारे मन विचारों से हर पल भरे रहते हैं जिनमें से ज्यादातर बिलकुल निरर्थक होते हैं बहुत तो बीती घटनाओं के बारे में होते हैं और और बहुत आने वाले दिनों को लेकर...........| तमाम विचार आपके मन में आपके भीतर उत्पन्न होते रहते हैं बेकार की कल्पनाओं से भरे हुए होते हैं .जिनका कोई मतलब ,...कोई अर्थ.... कोई सार्थकता नहीं होती ..आप समझिये इस बात को की .जिस तरह हम अपने शारीरिक सुन्दरता और स्वास्थ्य को लेकर सजग रहते हैं परिश्रम करते हैं उसी तरह हमें अपनी मानसिक सुन्दरता और स्वास्थ्य के लिए भी परिश्रम करना चाहिए .अब ..आपको लगेगा यह तो बहुत कठिन है .....,पर कोई चीज कठिन होती है असम्भव नहीं ......थोडा अभ्यास के बाद कठिन भी आसान लगता है ..इसके लिए ..आपको बस इतना करना है की .आपको अपने मन में आ रहे विचारों पर ...ध्यान देना होगा ...आपको अपने भीतर ध्यान देना होगा ..... अच्छे विचार मन में आयें और लगातार आते रहें जिनकी कोई सार्थकता हो इसके लिए बार बार आपको अभ्यास करना होगा... हर पल सजग रहना होगा इससे क्या होगा .....क्या होगा की .यह आपको सफलता की तरफ ले जाएगा .आप बस इतना करें जैसे ही कोई निरर्थक विचार आपके मन में आयें आप को तुरंत उसे बाहर निकल देना होगा .और उसकी जगह एसे विचार मन में लाने होंगे जो आपके गोल से रिलेटेड हो .......जो आपके गोल से रिलेटेड हो ....जिसकी सार्थकता आपकी सफलता के प्रति हो .एसा करने से बार बार एसा करने से आपको एक दिन अभ्यास हो जाएगा... आपके मन को अभ्यास हो जाएगा सार्थक विचारों से भरे होने का ....और फिर एक दिन एसा आएगा की बेवजह की बातें आपके दिमाग में आएँगी ही नहीं ...और आप सिर्फ और सिर्फ अपने गोल के बारे में सोचेंगे और जब सिर्फ और सिर्फ अपने गोल के बारे में सोचेंगे तो क्या होगा ....क्या होगा की वहां तक पहुचने का आपका रास्ता बहुत आसान हो जाएगा जहाँ आप पहुचना चाहते हैं .... .स्वामी विवेकानंद जिससे आप सब बखूबी परिचत हैं उन्होने भी यही कहा है'' मन में किसी विचार को लेकर उसे अपना जीवन बना लो आपके शरीर का हर अंग उसी विचार में डूबा हो उसी के बारे में सोचो इतना की उसे कोई दूसरा विचार भटका ना सके सफलता का यह एक रास्ता है |''
जिंदगी बहुत खूबसूरत है ....यह एक कला है हर पल हम सीखते रहते हैं की जीवन कैसे जिया जाए .....जितना ही सीखते हैं उतनी ही निखरती जाती है जीवन जीने की यह कला ....हर परिस्थिति में हम कैसे जीवन को जियें ,कैसे खुश रहें इसके लिए हमें बार बार प्रेरित होने की जरूरत पड़ती है .....इस ब्लॉग में येसे ही प्रेरित या मोटिवेट करने वाले विचार और वीडियो ...मिलेंगे शुचिता श्रीवास्तव
शनिवार, 2 नवंबर 2019
आप अपने शारीरिक स्वास्थ्य और उसकी सुन्दरता के लिए कितना कुछ करते हैं अच्छे से अच्छा खाना खाना खाते हैं ,अच्छे से अच्छा नए से नए डिजाइन की ड्रेस पहनते हैं , नियमित ब्यूटी पार्लर जाते हैं ,जिम जाते हैं ,एक्सरसाइज करते हैं येसी अनगिनत चीजें हैं जिसे आप व्यवहार में लाते हैं ,लेकिन कभी सोचा है ......कभी सोचा है की आप अपने मानसिक स्वास्थ्य और सुन्दरता के लिए क्या करते हैं ,मतलब भीतर के लिए ....मतलब अपने मन के लिए क्या करते हैं ?आप सोचेंगे की मन के लिए क्या करें ......?भीतर के लिए क्या करें ...वह कहाँ दिख रहा है ...उसे भला कौन देख रहा है सो उसके लिए कुछ करने की क्या जरूरत .......?आप जानते हैं .....? मानसिक स्वास्थ्य का भी उतना ही महत्व है जितना हमारे शारीरिक स्वास्थ्य का .उसे कोई देखे या ना देखे उसका स्वस्थ रहना ,,,,उसका सुन्दर रहना भी बहुत जरुरी है ....मन का स्वस्थ रहना सुंदर रहना उतना ही जरुरी है जितना बाहर का ...आपके तन का ... .......चलिए इसे एसे समझाते हैं आप को यह तो पता है .की ..हमारे मन विचारों से हर पल भरे रहते हैं जिनमें से ज्यादातर बिलकुल निरर्थक होते हैं बहुत तो बीती घटनाओं के बारे में होते हैं और और बहुत आने वाले दिनों को लेकर...........| तमाम विचार आपके मन में आपके भीतर उत्पन्न होते रहते हैं बेकार की कल्पनाओं से भरे हुए होते हैं .जिनका कोई मतलब ,...कोई अर्थ.... कोई सार्थकता नहीं होती ..आप समझिये इस बात को की .जिस तरह हम अपने शारीरिक सुन्दरता और स्वास्थ्य को लेकर सजग रहते हैं परिश्रम करते हैं उसी तरह हमें अपनी मानसिक सुन्दरता और स्वास्थ्य के लिए भी परिश्रम करना चाहिए .अब ..आपको लगेगा यह तो बहुत कठिन है .....,पर कोई चीज कठिन होती है असम्भव नहीं ......थोडा अभ्यास के बाद कठिन भी आसान लगता है ..इसके लिए ..आपको बस इतना करना है की .आपको अपने मन में आ रहे विचारों पर ...ध्यान देना होगा ...आपको अपने भीतर ध्यान देना होगा ..... अच्छे विचार मन में आयें और लगातार आते रहें जिनकी कोई सार्थकता हो इसके लिए बार बार आपको अभ्यास करना होगा... हर पल सजग रहना होगा इससे क्या होगा .....क्या होगा की .यह आपको सफलता की तरफ ले जाएगा .आप बस इतना करें जैसे ही कोई निरर्थक विचार आपके मन में आयें आप को तुरंत उसे बाहर निकल देना होगा .और उसकी जगह एसे विचार मन में लाने होंगे जो आपके गोल से रिलेटेड हो .......जो आपके गोल से रिलेटेड हो ....जिसकी सार्थकता आपकी सफलता के प्रति हो .एसा करने से बार बार एसा करने से आपको एक दिन अभ्यास हो जाएगा... आपके मन को अभ्यास हो जाएगा सार्थक विचारों से भरे होने का ....और फिर एक दिन एसा आएगा की बेवजह की बातें आपके दिमाग में आएँगी ही नहीं ...और आप सिर्फ और सिर्फ अपने गोल के बारे में सोचेंगे और जब सिर्फ और सिर्फ अपने गोल के बारे में सोचेंगे तो क्या होगा ....क्या होगा की वहां तक पहुचने का आपका रास्ता बहुत आसान हो जाएगा जहाँ आप पहुचना चाहते हैं .... .स्वामी विवेकानंद जिससे आप सब बखूबी परिचत हैं उन्होने भी यही कहा है'' मन में किसी विचार को लेकर उसे अपना जीवन बना लो आपके शरीर का हर अंग उसी विचार में डूबा हो उसी के बारे में सोचो इतना की उसे कोई दूसरा विचार भटका ना सके सफलता का यह एक रास्ता है |''
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