नापसंद को टालना ....
अक्सर आप टालते हैं कुछ ना कु
छ .ज्यादातर तो वो चीजें टालते हैं जो आपको पसंद नहीं होती जो चीजें आपको पसंद नहीं होती उनके करने के समय .सोचते हैं अच्छा कुछ देर बाद करेंगे ,....अच्छा कल कर लेंगे ...फिर कल सोचते हैं अच्छा कल कर लेंगे और वह कल कभी नहीं आता /लेकिन आपको पता है ...कुछ चीजें आपको पसंद नहीं होती,मगर वो आपकी सफलता ,आपके उद्देश्य के लिए की जानी बहुत जरुरी होती हैं .अगर नहीं करेंगे तो ......क्या होगा ...चलो इसे एक उदहारण से समझाते हैं .जैसे की किसी का उद्देश्य है अपने कालेज में टाप करनाऔर टाप करने के लिए जरुरी है की वह सबसे जादा नंबर लाये ...और इसके लिए यह जरुरी है की वह अन्य स्टूडेंट्स से ज्यादा समय तक पढ़ाई करे अपने सारे सब्जेक्ट को सभी और लोगों से ज्यादा समझे .....क्योकि जितना अन्य लोग अपनी पढ़ाई पर समय दे रहे हैं उतना ही अगर टाप करने की ख्वाइश रखने वाला भी देगा तो.......तो वह औसत ही होगा|उसे सबसे आगे जाने के लिए सबसे ज्यादा वर्क भी करना होगा ..येसे में आप करते क्या हैं की जो सब्जेक्ट आपको सबसे जादा पसंद होते हैं जैसे की बायलोजी या सोशल साइंस उसे तो आप पढ़ लेते हैं बाकी जो सब्जेक्ट जैसे मैथ या इग्लिश आपको पसंद नहीं उसे कल पर टाल देते हैं और यह एक साधारण सा सूत्र है की कल कभी नहीं आता इस तरह आप नापसंद वाले सब्जेक्ट में औसत दर्जे के ही रह जाते हैं या फेल भी कर सकते हैं जबकि कालेज टाप करने के लिए आपको सारे सब्जेक्ट में सबसे ज्यादा नंबर लाने होंगे........
मान लो किसी का सपना है अपना खुद का बिजनेस खड़ा करना वह इसके लिए सारे नियम ,सारी चीजें जानता है की उसे क्या करना है कितनी मेहनत करनी है मगर एक या दो नियम या चीजों का पालन करता है बाकी को कल पर टाल देता है फिर टालता ही जाता है फिर उसके लिए लिए भी कल कभी नहीं आता .और वह मनमाफिक सफलता नहीं पाता /
इस बात को एक बहुत साधारण उदाहरण से समझते हैं मान लो कोई खाना बनाता है उसे चावल , रोटी पकाने में अच्छा लगता है सब्जी और दाल पकाना उसे जरा भी पसंद नहीं आता है तो खाना बनाते वक्त . उसने वो रोटी चावल पका कर दाल सब्जी पकाने का काम बाद में करने के लिए टाल दिया.. अब टालते टालते लंच या डिनर का समय आ गया अब जबकि दाल ,सब्जी पकाने में उसे जरा भी अच्छा नहीं लगता और वह टालता गया तो अब दाल या सब्जी के बिना खाना कम्प्लीट कैसे होगा ....सिर्फ रोटी और चावल बिना दाल या सब्जी के कैसे खा सकेगा कोई? ,चलो एक और उदहारण से समझते हैं मान लो कोई बीमा कम्पनी का एजेंट बन कर खूब तरक्की करना चाहता है उसे ये काम खूब पसंद है वह रोज अपने आफिस जाता है ,अपने काम के बारे में समझता है ,वह मेहनती भी खूब है लेकिन उसे किसी से मिलना जुलना पसंद नहीं जबकिएजेंट का काम बिना लोगों से मिले उसका हो ही नहीं सकता ..वह सारे काम तो करता है मगर लोगों से मिलने का काम हर दिन टालता रहता है टालता रहता है और सोचो की जब वह किसी से मिलेगा ही नहीं तो उससे बीमा कौन कराएगा .....पालिसी कौन लेगा ....?उसके आज कल आज कल ...करते .काम टालते टालते ...पूरा वर्ष निकल जाता है और वह एक भी व्यक्ति से मिल नहीं पाता उसकी इस टालने वाली आदत से उसे क्या प्राप्त होगा......क्या मिलेगा उसे .....उसका कम क्या निकलेगा ...शून्य सिर्फ शून्य ..जब वह किसी से मिलेगा ही नहीं तो .उसका बिजनेस जीरो ही तो होगा ?...इन उदहारण से क्या सामने आया ....? यही ना की कालेज टाप करने वाला सारे सब्जेक्ट पढता उसे जजों नहीं पसंद था उसे भी पढ़ता .... अपना बिजनेस खड़ा करने वालेके लिए ...यह की वह सारे काम करता जो की उसके बिजनेस के लिए जरुरी हैं ,बीमा कम्पनी का एजेंट बन तरक्की का सपना देखने वाला लोगों से मिलने का काम भी तुरंत निपटाता उसे टालता नहीं भले ही उसे यह पसंद नहीं था और भोजन बनाने वाला भी रोटी और चावल के साथ साथ ही दाल सब्जी भी बनता .......यह सिर्फ इन्हीं लोगों के लिए नहीं बल्कि आप सभी के लिए जरुरी है की आप अपने उन कामों को भी तुरंत निपटाएं जो आपको नहीं पसंद है या कम पसंद है जो करना है उसे मत टालें जो बात सफलता के लिए जरुरी है उसे आज अभी इसी वक्त शुरू करें | ...करते करते ही धीरे धीरे नापसंद आने वाले काम में भी आपको ख़ुशी मिलने लगेगी , आपको मजा आने लगेगा .औरआप हर चीज में सफलता पा सकते हैं जो भी आपका गोल होगा उसे पा लेंगे .||
अक्सर आप टालते हैं कुछ ना कु
छ .ज्यादातर तो वो चीजें टालते हैं जो आपको पसंद नहीं होती जो चीजें आपको पसंद नहीं होती उनके करने के समय .सोचते हैं अच्छा कुछ देर बाद करेंगे ,....अच्छा कल कर लेंगे ...फिर कल सोचते हैं अच्छा कल कर लेंगे और वह कल कभी नहीं आता /लेकिन आपको पता है ...कुछ चीजें आपको पसंद नहीं होती,मगर वो आपकी सफलता ,आपके उद्देश्य के लिए की जानी बहुत जरुरी होती हैं .अगर नहीं करेंगे तो ......क्या होगा ...चलो इसे एक उदहारण से समझाते हैं .जैसे की किसी का उद्देश्य है अपने कालेज में टाप करनाऔर टाप करने के लिए जरुरी है की वह सबसे जादा नंबर लाये ...और इसके लिए यह जरुरी है की वह अन्य स्टूडेंट्स से ज्यादा समय तक पढ़ाई करे अपने सारे सब्जेक्ट को सभी और लोगों से ज्यादा समझे .....क्योकि जितना अन्य लोग अपनी पढ़ाई पर समय दे रहे हैं उतना ही अगर टाप करने की ख्वाइश रखने वाला भी देगा तो.......तो वह औसत ही होगा|उसे सबसे आगे जाने के लिए सबसे ज्यादा वर्क भी करना होगा ..येसे में आप करते क्या हैं की जो सब्जेक्ट आपको सबसे जादा पसंद होते हैं जैसे की बायलोजी या सोशल साइंस उसे तो आप पढ़ लेते हैं बाकी जो सब्जेक्ट जैसे मैथ या इग्लिश आपको पसंद नहीं उसे कल पर टाल देते हैं और यह एक साधारण सा सूत्र है की कल कभी नहीं आता इस तरह आप नापसंद वाले सब्जेक्ट में औसत दर्जे के ही रह जाते हैं या फेल भी कर सकते हैं जबकि कालेज टाप करने के लिए आपको सारे सब्जेक्ट में सबसे ज्यादा नंबर लाने होंगे........
मान लो किसी का सपना है अपना खुद का बिजनेस खड़ा करना वह इसके लिए सारे नियम ,सारी चीजें जानता है की उसे क्या करना है कितनी मेहनत करनी है मगर एक या दो नियम या चीजों का पालन करता है बाकी को कल पर टाल देता है फिर टालता ही जाता है फिर उसके लिए लिए भी कल कभी नहीं आता .और वह मनमाफिक सफलता नहीं पाता /
इस बात को एक बहुत साधारण उदाहरण से समझते हैं मान लो कोई खाना बनाता है उसे चावल , रोटी पकाने में अच्छा लगता है सब्जी और दाल पकाना उसे जरा भी पसंद नहीं आता है तो खाना बनाते वक्त . उसने वो रोटी चावल पका कर दाल सब्जी पकाने का काम बाद में करने के लिए टाल दिया.. अब टालते टालते लंच या डिनर का समय आ गया अब जबकि दाल ,सब्जी पकाने में उसे जरा भी अच्छा नहीं लगता और वह टालता गया तो अब दाल या सब्जी के बिना खाना कम्प्लीट कैसे होगा ....सिर्फ रोटी और चावल बिना दाल या सब्जी के कैसे खा सकेगा कोई? ,चलो एक और उदहारण से समझते हैं मान लो कोई बीमा कम्पनी का एजेंट बन कर खूब तरक्की करना चाहता है उसे ये काम खूब पसंद है वह रोज अपने आफिस जाता है ,अपने काम के बारे में समझता है ,वह मेहनती भी खूब है लेकिन उसे किसी से मिलना जुलना पसंद नहीं जबकिएजेंट का काम बिना लोगों से मिले उसका हो ही नहीं सकता ..वह सारे काम तो करता है मगर लोगों से मिलने का काम हर दिन टालता रहता है टालता रहता है और सोचो की जब वह किसी से मिलेगा ही नहीं तो उससे बीमा कौन कराएगा .....पालिसी कौन लेगा ....?उसके आज कल आज कल ...करते .काम टालते टालते ...पूरा वर्ष निकल जाता है और वह एक भी व्यक्ति से मिल नहीं पाता उसकी इस टालने वाली आदत से उसे क्या प्राप्त होगा......क्या मिलेगा उसे .....उसका कम क्या निकलेगा ...शून्य सिर्फ शून्य ..जब वह किसी से मिलेगा ही नहीं तो .उसका बिजनेस जीरो ही तो होगा ?...इन उदहारण से क्या सामने आया ....? यही ना की कालेज टाप करने वाला सारे सब्जेक्ट पढता उसे जजों नहीं पसंद था उसे भी पढ़ता .... अपना बिजनेस खड़ा करने वालेके लिए ...यह की वह सारे काम करता जो की उसके बिजनेस के लिए जरुरी हैं ,बीमा कम्पनी का एजेंट बन तरक्की का सपना देखने वाला लोगों से मिलने का काम भी तुरंत निपटाता उसे टालता नहीं भले ही उसे यह पसंद नहीं था और भोजन बनाने वाला भी रोटी और चावल के साथ साथ ही दाल सब्जी भी बनता .......यह सिर्फ इन्हीं लोगों के लिए नहीं बल्कि आप सभी के लिए जरुरी है की आप अपने उन कामों को भी तुरंत निपटाएं जो आपको नहीं पसंद है या कम पसंद है जो करना है उसे मत टालें जो बात सफलता के लिए जरुरी है उसे आज अभी इसी वक्त शुरू करें | ...करते करते ही धीरे धीरे नापसंद आने वाले काम में भी आपको ख़ुशी मिलने लगेगी , आपको मजा आने लगेगा .औरआप हर चीज में सफलता पा सकते हैं जो भी आपका गोल होगा उसे पा लेंगे .||

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